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Badi door nagri, kahna badi door nagri by Oza ji, Mridul krishan ji and shri thakur ji [दूर नगरी बड़ी दूर नगरी]

Dur nagari...Rameshbhaiji oza

Door Nagari Badi Door Nagari (Bhajan By: Sri Thakurji)

Contents of this list:

English Lyrics
Door nagri badi door nagri
Kaise aaun mai kanhai teri gokul nagari
Door nagri badi door nagri

Raat mein aaun to kanha dar mohe laage
Din mein aaun to dekhe saari nagari
Badi door nagari
Kanha Door nagri badi door nagri
Kaise aaun mai kanhai teri gokul nagari

Sakhi sang aaun kanha saram mohe laage
Saram mohe lage kanha saram mohe laage
Akeli aaun to bhul jaaun dagari
Kanha Door nagri badi door nagri
Kaise aaun mai kanhai teri gokul nagari

Dheere deere chalu kanha kamar mori lachake
kamar mori lachake kamar mori lachake
chhat pat chalu to chhalkaye gagari
Kanha Door nagri badi door nagri
Kaise aaun mai kanhai teri gokul nagari

Badi door nagari Badi door nagari

Hindi Lyrics
दूर नगरी बड़ी दूर नगरी-नगरी

कैसे आऊं मैं तेरी गोकुल नगरी

दूर नगरी बड़ी दूर नगरी



रात को आऊं कान्हा डर माही लागे

दिन को आऊं तो देखे सारी नगरी। दूर नगरी॥।



सखी संग आऊं कान्हा शर्म मोहे लागे

अकेली आऊं तो भूल जाऊं तेरी डगरी। दूर नगरी॥॥।



धीरे-धीरे चलूं तो कमर मोरी लचके

झटपट चलूं तो छलका गगरी। दूर नगरी॥॥



मीरा कहे प्रभु गिरधर नागर

तुमरे दरस बिन मैं तो हो ग बावरी। दूर नगरी॥॥

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ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
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एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
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कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
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