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Bhagwat Katha By Shri Krishna chand Thakurji at Delhi, May, 2012

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 2 of 5

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 3 of 5

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 4 of 5

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 5 of 5

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कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा