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Bhagawat Gita

Bhagavad Gita - Chapter 07 (Complete Hindi translation)

Hinduism Shrimad Bhagavad Geeta Part 1

Full Shrimad Bhagavad Gita In Hindi and Sanskrit By Pundit Somnath Sharma

Full Shrimad Bhagavad Gita Explained By Shri Deen Dayaluji Maharaj Part 1 of 14

Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 1

Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 2

Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 3

Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 4

Contents of this list:

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Bhajan Lyrics View All

सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,