Share this page on following platforms.

Home Singers Govind Bhargav ji

Govind Bhargav ji

Tere Bagair Sawariya Jiya na Jaye, Bhajan by Shri Govind Bhargava Ji

tum hamare the prabhu ji(govind bhargav)

Bansi wale ke charno mai sar ho mera By Nikunj.mp4

Deleted video

Contents of this list:

Tere Bagair Sawariya Jiya na Jaye, Bhajan by Shri Govind Bhargava Ji
tum hamare the prabhu ji(govind bhargav)
Bansi wale ke charno mai sar ho mera By Nikunj.mp4
Deleted video

Bhajan Lyrics View All

आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा