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Gopi Geet 2 Rameshbhai Oza

Gopi Geet 2 Rameshbhai Oza

Gopi Geet 2 Rameshbhai Oza

Gopi Geet 2 Rameshbhai Oza

Veenu Geet By PP Rameshbhaiji Oza

Gopi Geet

GOPI GEET By PP Rameshbhaiji Oza

कैलाश के निवासी - श्री रमेश भाई ओजा

SANSKAR LIVE - SHRI RAMESH BHAI OJHA - SHRIMAD BHAGAVAT KATHA - RAJKOT(GUJARAT) - DAY 1

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Gopi Geet 2 Rameshbhai Oza
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Veenu Geet By PP Rameshbhaiji Oza
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GOPI GEET By PP Rameshbhaiji Oza
कैलाश के निवासी - श्री रमेश भाई ओजा
SANSKAR LIVE - SHRI RAMESH BHAI OJHA - SHRIMAD BHAGAVAT KATHA - RAJKOT(GUJARAT) - DAY 1

Bhajan Lyrics View All

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे