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Bhagwat Katha by Swami Avdheshanand Giriji in December 2014 At Kurukshetra, Haryana, India

Swami Avdheshanand Giriji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha ( Kurukshetra , Haryana )

Swami Avdheshanand Giriji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha Day-2 ( Kurukshetra , Haryana )

Swami Avdheshanand Giriji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha Day-3 ( Kurukshetra , Haryana )

Swami Avdheshanand Giriji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha Day- 4 ( Kurukshetra , Haryana )

Swami Avdheshanand Giriji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha Day- 5 ( Kurukshetra , Haryana )

Swami Avdheshanand Giriji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha Day- 6 ( Kurukshetra , Haryana )

Swami Avdheshanand Giriji Maharaj - Shreemad Bhagwat Katha Day- 7 ( Kurukshetra , Haryana )

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साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥