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Ram Katha [Manas DhanushaJagya full 9 days] at Bharoul By Morari Bapu in May 2015

Ram Katha Morari Bapu 757 Day 1 Manas DhanushaJagya Bharoul May 2015

Ram Katha 757 Day 2 Manas DhanushaJagya Bharoul May 2015

Ram Katha Morari Bapu 757 Day 3 Manas DhanushaJagya Bharoul May 2015

Ram Katha Morari Bapu 757 Day 4 Manas DhanushaJagya Bharoul May 2015

Ram Katha Morari Bapu 757 Day 5 Manas DhanushaJagya Bharoul May 2015

Ram Katha Morari Bapu 757 Day 6 Manas DhanushaJagya Bharoul May 2015

Ram Katha Morari Bapu 757 Day 7 Manas DhanushaJagya Bharoul May 2015

Ram Katha Morari Bapu 757 Day 9 Manas DhanushaJagya Bharoul May 2015

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जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से