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गीता जयंती महोत्सव - ज्ञानानंद जी महाराज ॥ अंबाला

Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 1

Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 2

Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 3

Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 4

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Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 3
Gita Jayanti Mahotsav - Gyananand Ji Maharaj || Day 4

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हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है