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सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है
देख लगाकर गोता इसमें तेरा बेडा पार है, सागर से भी...

सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है
देख लगाकर गोता इसमें तेरा बेडा पार है, सागर से भी...
सागर से भी गहरा बन्दे गुरु देव का प्यार है

भव सागर में इक दिन तेरी  जीवन नैया डूबेगी
कहते कहते इक दिन तो पतवार भी तेरी टूटेगी
जायेगा उस पार तो कैसे हर तरफ अंधकार है ,  सागर से भी ...

सौंप दे नैया गुरु देव को वोही पार लगा देंगे
पैर पकड़ ले जाकर के तू सोये भाग्य जगा देंगे
पापी से भी पापी को भी न करते इंकार है, सागर से भी  ...

संत समागम हरी कथा भी गुरु कृपा से पाओगे
खुद आएंगे श्याम प्रभु जब गुरु शरण में जाओगेँ
सुनलो भक्तो गुरु कृपा भी ये जीवन बेकार है

सागर से भी गहरा बन्दे गुरुदेव का प्यार है



sagar se bhi gahara bande guru dev ka pyar hai



Bhajan Lyrics View All

कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को