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श्रीभक्तमाल कथा - श्री राजेंद्रदास जी || वृंदावन, 4-10 नवंबर, 2015

LIVE - Shri Bhaktmal Katha by Shri Rajendra Das Ji - 4th Nov 2015 || Day 1

LIVE - Shri Bhaktmal Katha by Shri Rajendra Das Ji - 5th Nov 2015 || Day 2

LIVE - Shri Bhaktmal Katha by Shri Rajendra Das Ji - 6th Nov 2015 || Day 3

LIVE - Shri Bhaktmal Katha by Shri Rajendra Das Ji - 7th Nov 2015 || Day 4

LIVE - Shri Bhaktmal Katha by Shri Rajendra Das Ji - 8th Nov 2015 || Day 5

LIVE - Shri Bhaktmal Katha by Shri Rajendra Das Ji - 9th Nov 2015 || Day 6

LIVE - Shri Bhaktmal Katha by Shri Rajendra Das Ji - 10th Nov 2015 || Day 7

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Bhajan Lyrics View All

इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल