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Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 1 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 2 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 3 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 4 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 5 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 6 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 8 of 9

Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 9 of 9

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Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 1 of 9
Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 2 of 9
Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 3 of 9
Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 4 of 9
Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 5 of 9
Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 6 of 9
Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 7 of 9
Shrimad Bhagwat Katha in Mathura By Shri Thakurji Part 8 of 9
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Bhajan Lyrics View All

कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥