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Shrimad Bhagwat - PP Rushivar Shri Kirit Bhaiji

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 1 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 2 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 3 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 4 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 5 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 6 of 6

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Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 1 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 2 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 3 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 4 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 5 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 6 of 6

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प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना