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Surat Pe Thari Girdhari Mein Vari Javan

Surat Pe Thari Girdhari Mein Vari Javan, Bhajan by Shri Govind Bhargava Ji

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राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा