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Shrimad Bhagwat Katha by Shri Chinmayanand Bapu - Sanand, Gujarat 2012

Contents of this list:

Shrimad Bhagwat Katha 01, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 02, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 03, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 04, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 05, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 06, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 07, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 08, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 09, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 10, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 11, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 12, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 13, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu
Shrimad Bhagwat Katha 14, Sanand 2012 by Shri Chinmayanand Bapu

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यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये