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Rushivar Kirit Bhaiji

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 1 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 2 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 3 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 4 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 5 of 6

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 6 of 6

Raas Raseshvar, Vrindvan (2007) part 1- By Rushivarji KIRIT BHAIJI

Raas Raseshvar, vrindavan (2007) Part 2.flv

Raas Raseshvar, Vrindavan (2007) Part 3 - by Rushivarji KIRIT BHAIJI

Raas Raseshva, Vrindavan (2007) part 4 -By Rushivarji Kirit Bhaiji

Raas Raseshvar, vrindavan (2007) Part 2.flv

Raas Raseshvar, vrindavan (2007) Part 2.flv

Contents of this list:

Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 1 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 2 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 3 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 4 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 5 of 6
Full Bhagwat Katha - Day 1: Part 6 of 6
Raas Raseshvar, Vrindvan (2007) part 1- By Rushivarji KIRIT BHAIJI
Raas Raseshvar, vrindavan (2007) Part 2.flv
Raas Raseshvar, Vrindavan (2007) Part 3 - by Rushivarji KIRIT BHAIJI
Raas Raseshva, Vrindavan (2007) part 4 -By Rushivarji Kirit Bhaiji
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Bhajan Lyrics View All

राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने