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At Bhopal, Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj

Live : Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 1)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 2)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 3)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 4)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 5)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 6)

Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 7)

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Live : Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 1)
Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 2)
Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 3)
Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 4)
Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 5)
Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 6)
Shreemad Bhagwat Katha I Swami Avdheshanand Giriji Maharaj I Bhopal (Day 7)

Bhajan Lyrics View All

राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे