Share this page on following platforms.

Home Gurus Sri Thakurji

Full Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 1 of 5

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 2 of 5

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 3 of 5

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 4 of 5

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 5 of 5

Contents of this list:

Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 1 of 5
Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 2 of 5
Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 3 of 5
Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 4 of 5
Shalimar Bagh Bhagwat Katha By Sri Thakurji Part 5 of 5

Bhajan Lyrics View All

मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,