Share this page on following platforms.

Home Singers Vinod Agagrwal Ji

Best Of Vinod Agarwal JI

Vinod Ji In Full Masti || Jugalbandi Vol 3 || Vinod Agarwal || Malik Ji

Tum Sath Sath Rehna Vinod Agarwal

TERE NAAM KI CHADAR ODH ODH VINOD AGARWAL JI

Kab Miloge Meet Sawanriya || By Vinod Agarwal Ji || Krishan Bhajan ||

Contents of this list:

Vinod Ji In Full Masti || Jugalbandi Vol 3 || Vinod Agarwal || Malik Ji
Tum Sath Sath Rehna Vinod Agarwal
TERE NAAM KI CHADAR ODH ODH VINOD AGARWAL JI
Kab Miloge Meet Sawanriya || By Vinod Agarwal Ji || Krishan Bhajan ||

Bhajan Lyrics View All

यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है