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Sweet Bhajan

mera ap ki kripa se sab kaam ho rha hai

Bhagat ke bas mei hai bhagwan (Original SCI BHAJAN) by Jai Shankar Chaudhury

Contents of this list:

♥ Mujhe charno se laga le ,Mere Shyam Murli wale ♥
mera ap ki kripa se sab kaam ho rha hai
Kirtan ki hai raat
dena ho to dijiye janam janam
Bhagat ke bas mei hai bhagwan (Original SCI BHAJAN) by Jai Shankar Chaudhury

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दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,