Share this page on following platforms.

Home Singers Jai Shankar Chaudhury

Bhajans

Sri Krishnashtakam (Bhaje vrajaika mandanam)

Tara Vina Shyam Mane (Praful Dave)

Ram naam ke hire moti, Krishan Naam ke hire moti full bhajan HD

Are dawarpalo lakhbir singh lakha

Bhagat ke bas mei hai bhagwan (Original SCI BHAJAN) by Jai Shankar Chaudhury

Prayer - अपनी पनाह मैं हमे रखना

Contents of this list:

Sri Krishnashtakam (Bhaje vrajaika mandanam)
Tara Vina Shyam Mane (Praful Dave)
Ram naam ke hire moti, Krishan Naam ke hire moti full bhajan HD
Are dawarpalo lakhbir singh lakha
Bhagat ke bas mei hai bhagwan (Original SCI BHAJAN) by Jai Shankar Chaudhury
Prayer - अपनी पनाह मैं हमे रखना

Bhajan Lyrics View All

राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है