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श्री गोविन्द भार्गव जी - मुरादाबाद 07.04.2016

तुमहमारे थे प्रभु जी श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

गुजरीा ले गई श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

मेरो खो गयो बाजूबंध श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

लाड़ली अधभुत नजारा तेरेबरसाने श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

मिठे रस से भरोरे श्री राधा रानी श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

वृंदावन धाम अपार जापे जा राधे श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

जुगल सरकार है सर पर तसली श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

जय जय शयमा जय जय श्याम श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

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तुमहमारे थे प्रभु जी श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016
गुजरीा ले गई श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016
मेरो खो गयो बाजूबंध श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016
लाड़ली अधभुत नजारा तेरेबरसाने श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016
मिठे रस से भरोरे श्री राधा रानी श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016
वृंदावन धाम अपार जापे जा राधे श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016
जुगल सरकार है सर पर तसली श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016
जय जय शयमा जय जय श्याम श्री गोविन्द भार्गव जी मुरादाबाद 7-4-2016

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राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।