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LIVE Bhajan Sandhya by Govind Bhargava Ji At Kota and Garhiwal in September 2014 [Full]

Latest Bhajan Sandhya Kota Part-1 By Govind Bhargava Ji

Latest Bhajan Sandhya Kota Part- 2 by Govind Bhargav Ji

Bhajan Sandhya by Govind Bhargav Ji from Garhiwal Part -1

Bhajan Sandhya by Govind Bhargav Ji from Garhiwal Part -2

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हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥