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Govind Raghav ji

Latest Bhajan Sandhya Kota Part-1 By Govind Bhargava Ji

Jai pur 4-2-2016 Bhajan Sandhya By Sh. Govind Bhargav Ji

Kota 6-9-2015 Full Bhajan Sandhya By Sh. Govind Bhargav Ji

Holi Bhajan by Govind Bhargava Ji

Yashoda Tere Lala Ne Bhajan By Govind Bhargav Ji (Delhi)

Vrindavan Me Shree Charanan Me :by Govind Bhargav Ji (UP )

Bhajan Sandhya by Govind Bhargav Ji & Murli Ji (Guru Ji)

Contents of this list:

Latest Bhajan Sandhya Kota Part-1 By Govind Bhargava Ji
Jai pur 4-2-2016 Bhajan Sandhya By Sh. Govind Bhargav Ji
Kota 6-9-2015 Full Bhajan Sandhya By Sh. Govind Bhargav Ji
Holi Bhajan by Govind Bhargava Ji
Yashoda Tere Lala Ne Bhajan By Govind Bhargav Ji (Delhi)
Vrindavan Me Shree Charanan Me :by Govind Bhargav Ji (UP )
Bhajan Sandhya by Govind Bhargav Ji & Murli Ji (Guru Ji)

Bhajan Lyrics View All

कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया