Share this page on following platforms.

Home Singers Govind Bhargav ji

Govind Bhargav Ji

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 15

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 16 .

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 17.

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode .

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 19.

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 20.

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 21

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 22 .

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 23.

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 24 .

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 25.

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 26.

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 27.

Contents of this list:

Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 15
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 16 .
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 17.
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode .
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 19.
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 20.
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 21
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 22 .
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 23.
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 24 .
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 25.
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 26.
Pujya Shri Govind Bhargav Ji Bhajan Episode 27.

Bhajan Lyrics View All

तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,