Share this page on following platforms.

Home Singers Govind Bhargav ji

Bhajan Sandhya

Latest Bhajan Sandhya Kota Part-1 By Govind Bhargava Ji

Latest Bhajan Sandhya Kota Part- 2 by Govind Bhargav Ji

Jugal Bandi Bhajan by govind bhargava ji, Bhajan Sandhaya Ludhiana 28-2-2014 (Part-1)

Jugal Bandi Bhajan by govind bhargava ji, Bhajan Sandhaya Ludhiana 28-2-2014 (Part-2)

Latest Bhajan Sandhya Ballabhgarh Part-1 by Govind Bhargava Ji

Bhajan Sandhya Gurgaon Part-1 By Govind Bhargava Ji, Date: 5 January 2014

Bhajan Sandhya by Govind Bhargav Ji from Garhiwal Part -1

Bhajan Sandhya by Satish Ji, Lalita Park, Laxmi Nagar, Delhi (Part-1)

Latest Bhajan Sandhya by Shri Govind Bhargav Ji from Nakodar, Punjab (Part-2)

Latest Bhajan Sandhya by Shri Govind Bhargav Ji from Nakodar, Punjab (Part-1)

Bhajan Sandhya Gurgaon Part-2 By Govind Bhargav Ji, Date: 5 January 2014

Bhajan Sandhya by Satish Ji, Lalita Park, Laxmi Nagar, Delhi (Part-2)

Bhajan Sandhaya Ambala (Haryana) by Shri Govind Bhargav Ji, Date : 1-1-2014

Contents of this list:

Latest Bhajan Sandhya Kota Part-1 By Govind Bhargava Ji
Latest Bhajan Sandhya Kota Part- 2 by Govind Bhargav Ji
Jugal Bandi Bhajan by govind bhargava ji, Bhajan Sandhaya Ludhiana 28-2-2014 (Part-1)
Jugal Bandi Bhajan by govind bhargava ji, Bhajan Sandhaya Ludhiana 28-2-2014 (Part-2)
Latest Bhajan Sandhya Ballabhgarh Part-1 by Govind Bhargava Ji
Bhajan Sandhya Gurgaon Part-1 By Govind Bhargava Ji, Date: 5 January 2014
Bhajan Sandhya by Govind Bhargav Ji from Garhiwal Part -1
Bhajan Sandhya by Satish Ji, Lalita Park, Laxmi Nagar, Delhi (Part-1)
Latest Bhajan Sandhya by Shri Govind Bhargav Ji from Nakodar, Punjab (Part-2)
Latest Bhajan Sandhya by Shri Govind Bhargav Ji from Nakodar, Punjab (Part-1)
Bhajan Sandhya Gurgaon Part-2 By Govind Bhargav Ji, Date: 5 January 2014
Bhajan Sandhya by Satish Ji, Lalita Park, Laxmi Nagar, Delhi (Part-2)
Bhajan Sandhaya Ambala (Haryana) by Shri Govind Bhargav Ji, Date : 1-1-2014

Bhajan Lyrics View All

साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने