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Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) By Shree Hita Ambrish ji in Feburary 2015 at Hisar

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 1 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 2 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 3 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 4 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 5 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 6 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 7 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 8 By Shree Hita Ambrish ji

Shri Hit Vrindavan Bhav Utsav (Hitotsav) Part 9 By Shree Hita Ambrish ji

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अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,