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Guru Purnima Mahotsava By Shree Hita Ambrish Ji at Hisar, Haryana in July 2015

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 1 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 2 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 3 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 4 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 5 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

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मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka