Share this page on following platforms.

Home More Laddo Gopal

Bal gopal

How to make dress (पोशाक) of Bal Gopal / Ladoo Gopal / Kanah ji / Krishna - Poshak making

Style - 3 of Pagadi / Pagh / Turban/Pagri of Bal Gopal / Thakur ji / Ladoo Gopal /Krishna / Kanha

Part 1 - Jhula - Swing - How to make Jhula/Swing for Bal Gopal / Thakurji/ Ladoo gopal at Home

Part 1 - How to make heavy work dress of Bal Gopal / krishna / Ladoo Gopal / Thakurji

Contents of this list:

How to make dress (पोशाक) of Bal Gopal / Ladoo Gopal / Kanah ji / Krishna - Poshak making
Style - 3 of Pagadi / Pagh / Turban/Pagri of Bal Gopal / Thakur ji / Ladoo Gopal /Krishna / Kanha
Part 1 - Jhula - Swing - How to make Jhula/Swing for Bal Gopal / Thakurji/ Ladoo gopal at Home
Part 1 - How to make heavy work dress of Bal Gopal / krishna / Ladoo Gopal / Thakurji

Bhajan Lyrics View All

जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥