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Rasotsava Bhajan Sandhaya By Shri Hita Ambrish Ji at Delhi on 8-Feb-2015

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 1 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 2 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 3 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 4 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 5 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 6 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 7 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 8 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 9 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 10 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 11 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

Rasotsava Bhajan Sandhaya Part 12 By Shri Hita Ambrish Ji in Delhi ON 8-Feb-2015.

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बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की