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Sarvapriyananda "Bhagvad Gita For Students"

Swami Sarvapriyananda-"BHAGVAD GITA FOR STUDENTS" at IIT Kanpur

Swami Sarvapriyananda-"PURPOSEFUL LIVING WITH VEDANTA" at IIT anpur

Swami Sarvapriyanandaji-"MESSAGE OF THE UPANISHADS" at IIT Kanpur

Swami Sarvapriyananda-"Secret of Concentration" at IIT Kanpur

Contents of this list:

Swami Sarvapriyananda-"BHAGVAD GITA FOR STUDENTS" at IIT Kanpur
Swami Sarvapriyananda-"PURPOSEFUL LIVING WITH VEDANTA" at IIT anpur
Swami Sarvapriyanandaji-"MESSAGE OF THE UPANISHADS" at IIT Kanpur
Swami Sarvapriyananda-"Secret of Concentration" at IIT Kanpur

Bhajan Lyrics View All

तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार