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Bhagavad Gita (tamil explanation + sanskrit recital)

Bhagavad Gita chapter-1

Bhagavad Gita chapter-2

Bhagavad Gita chapter-3

Bhagavad Gita Chapter-4

Bhagavad Gita chapter-5

Bhagavad Gita chapter-6

Bhagavad Gita chapter-7

Bhagavad Gita chapter-8

Bhagavad Gita chapter-9

Bhagavad Gita chapter-10

Bhagavad Gita chapter-11

Bhagavad Gita chapter-12

Bhagavad Gita chapter-13

Bhagavad Gita chapter-14

Bhagavad Gita chapter-15

Bhagavad Gita chapter-16

Bhagavad Gita chapter 17

Bhagavad Gita chapter-

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Bhagavad Gita chapter-1
Bhagavad Gita chapter-2
Bhagavad Gita chapter-3
Bhagavad Gita Chapter-4
Bhagavad Gita chapter-5
Bhagavad Gita chapter-6
Bhagavad Gita chapter-7
Bhagavad Gita chapter-8
Bhagavad Gita chapter-9
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मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,