Share this page on following platforms.

Home More Bhagwad Gita

BHAGAVAD-GITA - SANSKRIT (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 01 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 02 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 03 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 04 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 05 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 06 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 07 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 08 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 09 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 10 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 11 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 12 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 13 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 14 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 15 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 16 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 17 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

Contents of this list:

BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 01 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 02 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 03 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 04 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 05 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 06 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 07 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 08 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 09 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 10 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 11 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 12 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 13 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 14 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 15 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 16 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER 17 - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)
BHAGAVAD-GITA - CHAPTER - SANSKRIT BY ANURADHA PAUDWAL (AUDIO & SUBTITLES)

Bhajan Lyrics View All

नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥