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Bhagavad Gita Chapter 12 by Swami Mukundananda in Hindi in April 2015 [video 8 To 14]

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यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है