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यहाँ देवता महान कहते हैं,
वहाँ राधे का गुलाम कहते हैं

यहाँ देवता महान कहते हैं,
वहाँ राधे का गुलाम कहते हैं

यहां बैठा सिंहासन लगा के,
वहां राधे के पीछे पीछे भागे,
यहां गोकुल की शान कहते हैं,
वहाँ राधे का गुलाम कहते हैं

यहाँ भगतों पे रौब जमाये,
वहाँ उंगली पे राधे नचाये,
यहाँ भगतों की जान कहते हैं,
वहाँ राधे का गुलाम कहते हैं

यहाँ लाखो लाखो आते हैं भिखारी,
वहां राधे का हो गया पुजारी,
यहाँ जिसे भगवान् कहते हैं,
वहाँ राधे का गुलाम कहते हैं

यहाँ भक्त श्याम श्याम जप रहे हैं,
वहां राधे जी के डंके बज रहे हैं,
यहाँ दानी दयावान कहते हैं,
वहाँ राधे का गुलाम कहते हैं

एक राजा भी करता है गुलामी,
ये बनवारी सच्ची है कहानी,
इसे प्रेम का परिणाम कहते हैं,
राधे तुझको प्रणाम करते हैं

यहाँ देवता महान कहते हैं,



yahan devta mahaan kehte hain vahan radhe ka gulam kehte hain krishna bhajan with lyrics by Saurabh Madhukar



Bhajan Lyrics View All

आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
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मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।