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विच्च पहाड़ां गुफा दे अन्दर, मन्दिर एक निराला ए
बारो महीने खुलेया रेह्न्दा, ना बुहा ना ताला ए

विच्च पहाड़ां गुफा दे अन्दर, मन्दिर एक निराला ए
बारो महीने खुलेया रेह्न्दा, ना बुहा ना ताला ए

जय माता दी केहन्दे केहन्दे चढ़दे लोग चढाईआं ने
इक पासे ने ऊँचे पर्वत दूजे पासे खाईयां ने
फिर वी जो दर्शन नु आउँदा, समझो किस्मत वाला ए
बारो महीने खुलेया रेह्न्दा...

औंदी जांदी संगता दा जित्थे रेला लगया रेह्न्दा ए
दिन होव या रात होव बस मेला सजिया रेह्न्दा ए
हर कोई लावे माँ दे जयकारे, की गोरा की काला ए
बारो महीने खुलेया रेह्न्दा...

निकीयां निकीयां कंजका दे विच्च माँ दा रूप नज़र आवे
पूजे कंजका पावे असीसा, उस्दा भाग सवार जावे
हुंदे दूर गमां दे हनेरे मिलदा सुख दा उजाला ए
बारो महीने खुलेया रेह्न्दा...

की की सिफत करां इस दर दी जित्थों सब कुछ मिलदा ए
वास है माँ दा जिसदी रजा बिन पत्ता वी न हिल्दा ए
दास एह ही मात वैष्णो एही मात जवाला ए



vich pahadan gufa de andar mandir ek nirala e baro mahine khuleya rehnda na buha na tala e



Bhajan Lyrics View All

किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की