Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

वे मैं नचना तेरे नाल, जग नू नचान वालेया।
तू वी नच लै अज्ज सादे नाल, जग नू नचान वालेया ॥

वे मैं नचना तेरे नाल, जग नू नचान वालेया।
तू वी नच लै अज्ज सादे नाल, जग नू नचान वालेया ॥

नित तू नचावे अज तेनु नाचावंगे,
रुस जेगा ओह ते हत्थ जोड़ के मनावागे,
अज नच के तू करदे नेहाल, जग नू नचान वालेया॥

तन वी है रंगना ते मन वी है रंगना।
अज तेरे नाल श्यामा अंग अंग रंगना।
आजा बंसरी वजा तू साडे नाल, जग नू नचान वालेया॥

जग दी हुण सानू कोई परवाह नहीं,
तेरे जेहा बेड़ियाँ दा कोई वी मलाह नहीं।
भावे डोब जा भावे कर पार, जग नू नचान वालेया॥

अज वी ना नाचेओ ते दस कदो नचेगा।
प्रेमिया दे हाड़ेया तो किना चिर बचेगा।
आना पयेगा हो के दयाल, जग नू नचान वालेया॥

गोपियाँ वी होणगीयां ते ग्वाले वी होणगे।
रल मिल नाल तेरे, रास रचाणगे।
आजा लै के तू  राधा जी नू नाल, जग नू नचान वालेया॥

हुण वी ना नाचेओ ते यारी टूट जायेगी।
तेरे नाल श्यामा सारी संगत रूस जाएगी।
ग्वाले रूस जाणगे  एह गोपी रूस जायेगी।
आजा नच के तू कर दे कमाल, जग नू नचान वालेया॥

नच ले वे श्यामा हुन कहणु शर्माना ए।
कर के इशार्रे क्यों लुक लुक जान ए,
लुक लुक जान ए ते क्यों तडपाना ए।
जदों मन लिया तेनु अपना यार,जग नू नचान वालेया॥

तूही मेरा यार ते प्यार वी तू है।
दिल वी तू दिलदार वी तू है।
तूही मेरे सर सिरताज वी तू ही है।
तूही मेरा दरद ते दावा भी तू है।
तूही मेरा जिगर ते जान वी तू है।



ve main nachna tere nal jag nu nachaan waleya krishna bhajan



Krishna Bhajans App

Bhajan Lyrics View All

तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥