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श्याम माखन चुराते चुराते, अब तो दिल भी चुराने लगें हैं
राधा रानी को ले कर कन्हिया, अब तो रास रचाने ल

श्याम माखन चुराते चुराते, अब तो दिल भी चुराने लगें हैं
राधा रानी को ले कर कन्हिया, अब तो रास रचाने लगें हैं

देवकी के गर्भ से जो जाए, माँ यशोदा के लाल कहाए
ग्वाल बालों के संग मे कन्हिया, अब तो गौए चराने लगें हैं

मोह ब्रह्मा का जिस ने घटाया, मान इन्द्र का जिस ने मिटाया
स्वम बन कर पुजारी कन्हिया, अब तो गिरिवर पूजाने लगें है

श्याम ने ऐसी वंसी बजायी, तान सखिओं के दिल मे समायी
राधा रानी को ले कर कन्हिया, रास मधुवन रचाने लगें है

दीन बंधु ज़माने के दाता, संत भक्तो के है जो विधाता



shyam maakhan churaate churaate ab to dil bhi churaane lagen hain



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मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बांके बिहारी की देख छटा,
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तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की