Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

साईं की नगरिया जाना है रे बन्दे..जाना है रे बन्दे
जग नाही अपना,बेगाना है रे बन्दे...

साईं की नगरिया जाना है रे बन्दे..जाना है रे बन्दे
जग नाही अपना,बेगाना है रे बन्दे...
जाना है रे बन्दे...जाना है रे बन्दे...
साईं की नगरिया जाना है रे बन्दे..जाना है रे बन्दे

पत्ता टूटा डारि से, ले गयी पवन उड़ाय,
अबकी बिछुड़े ना मिले, दूर पड़ेंगे जाय ।
माली आवत देख कर कलियन करी पुकार,
फुले-फुले चुन लिए काल हमारी बार ॥
साईं की नगरिया जाना है रे बन्दे..जाना है रे बन्दे...

चलती चाकी देखकर दिया कबीरा रोय,
दुइ पाटन के बीच में साबुत बचा ना कोय ।
लूट सके तो लूट ले सत्य नाम की लूट,
पाछे फिर पछताओगे,प्राण जांहि जब छूट ॥
साईं की नगरिया जाना है रे बन्दे..जाना है रे बन्दे...

माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोय,
इक दिन ऐसा होयेगा, मैं रौंदूगी तोय ।
लकड़ी कहे लुहार से तू मत जारी मोहि,
इक दिन ऐसा होयेगा, मैं जारूँगी तोहि ॥
साईं की नगरिया जाना है रे बन्दे..जाना है रे बन्दे...

बन्दे तू कर बंदगी, तव पावे दीदार,
अवसर मानुष जन्म का, बहुरि ना बारम्बार ।
कबीरा सोया क्या करे, जाग ना जपे मुरारी,
एक दिना है सोवना लम्बे पाँव पसारी ॥
साईं की नगरिया जाना है रे बन्दे..जाना है रे बन्दे...



sai ki nagariya jana hai re bande by Hari Om Sharan Sai Bhajan lyrics



Bhajan Lyrics View All

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही