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बन्दे सब गोकुल के शाम
कृष्ण वही है कंस वही है वही रावण वही राम

बन्दे सब गोकुल के शाम
कृष्ण वही है कंस वही है वही रावण वही राम

हर अंतर में हरी का वासा
जीव फिरे क्यों दर दर प्यासा
मन मंदिर से मुर्ख बन्दे कोई बड़ा नहीं धाम

करम बुरा है कर्मा भला है
इन कर्मो से जीव बंधा है
अपने गुणों से कोई रावण अपने गुणों से राम

कर्म की पूजा नाम की नहीं
नाम की हो तो इस जग माहि



sab gokul ke sham krishna vahi hai kans vahi hai vahi raavan vahi raam



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फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे