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सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी
कुंकु पतरी रे श्याम प्रेम पतरी

सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी
कुंकु पतरी रे श्याम प्रेम पतरी
घनश्याम थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी
सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे यशोदा रो, कोई कहे देवकी रो
कोई कहे नन्द जी रो लाल कैसे लिखूं कुंकुं पतरी
सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे गोकुल वारो, कोई कहे मथुरा वारो
कोई कहे द्वारिका रो नाथ कैसे लिखूं कुंकुं पतरी
सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे राधा पति, कोई कहे रुकमणि पति
कोई कहे गोपियाँ रो श्याम, कैसे लिखूं कुंकुं पतरी
सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे माखन चोर, कोई कहे नंदकिशोर
नरसिंग तो करे पुकार कैसे लिखूं कुंकुं पतरी
सांवरिया थारा नाम हज़ार कैसे लिखूं कुंकु पतरी

कोई कहे गइयां वालो, कोई कहे बंशी वालो
कोई कहे मदन गोपाल कैसे लिखूं कुंकुं पतरी



saanvariya thara naam hazaar kaise likhun kunkun patri



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कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
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एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
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क्या दे दे भई, क्या दे दे
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तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
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हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
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राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला