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ਰਤਨੋ ਮਾਂ, ਕੇਹੜਾ ਓ ਗੋਆਲ ਤੇਰੀਆਂ ਗਉਆਂ ਚਾਰਦਾ
ਗੋਰਖ ਜੀ, ਓ ਬਾਬਾ ਬਲਾਕ ਨਾਥ ਮੇਰੀਆਂ ਗਉਆਂ ਚਾਰਦਾ

ਰਤਨੋ ਮਾਂ, ਕੇਹੜਾ ਓ ਗੋਆਲ ਤੇਰੀਆਂ ਗਉਆਂ ਚਾਰਦਾ
ਗੋਰਖ ਜੀ, ਓ ਬਾਬਾ ਬਲਾਕ ਨਾਥ ਮੇਰੀਆਂ ਗਉਆਂ ਚਾਰਦਾ

ਰਤਨੋ ਮਾਂ, ਬਾਬਾ ਬਾਲਕ ਨਾਥ ਜੋਗੀ ਕੇਹੜੇ ਦੇਸ਼ ਦਾ
ਗੋਰਖ ਜੀ, ਓ ਬਾਬਾ ਬਾਲਕ ਨਾਥ ਦਖਣ ਦੇਸ਼ ਦਾ

ਰਤਨੋ ਮਾਂ, ਓ ਕੌਣ ਇਸ ਜੋਗੀਏ ਦੇ ਮਾਤ ਪਿਤਾ
ਗੋਰਖ ਜੀ, ਓ ਲਕਸ਼ਮੀ ਤੇ ਵਿਸ਼੍ਣੁ ਹੈ ਮਾਤ ਪਿਤਾ

ਰਤਨੋ ਮਾਂ, ਓ ਕੌਣ ਗੁਰੂ ਹੈ ਓ ਬਾਬਾ ਬਾਲਕ ਨਾਥ ਦਾ
ਗੋਰਖ ਜੀ, ਰਿਸ਼ੀ ਓ ਦੱਤਾਤ੍ਰੇ ਗੁਰੂ ਹੈ ਬਾਲਕ ਨਾਥ ਦਾ

ਰਤਨੋ ਮਾਂ, ਇਸ ਜੋਗੀਏ ਦੇ ਕੰਨਾ ਮੁੰਦਰਾ ਕੀਨੇ ਪਾਈਆਂ
ਗੋਰਖ ਜੀ, ਇਸ ਜੋਗੀਏ ਦੇ ਕੰਨਾ ਮੁੰਦਰਾਂ ਗੁਰੂਆਂ ਪਾਈਆਂ

ਰਤਨੋ ਮਾਂ, ਕਿਸ ਕਾਰਣ ਬਾਬਾ ਬਾਲਕ ਤੇਰੀਆਂ ਗਉਆਂ ਚਾਰਦਾ



ratno maa kehda o gawaal teriya gauaan chaarda



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सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
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सादर भारत शीश धरी लीन्ही
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मुझे चाकर समझ निहार ॥
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तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
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राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
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गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
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लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की