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राधिके ले चल परली पार,
जहा विराजे नटवर नागर,नटखट नन्द कुमार

राधिके ले चल परली पार,
जहा विराजे नटवर नागर,नटखट नन्द कुमार
किशोरी ले चल परली पार,

गुण अवगुण सब उनको अर्पण,
पाप पुण्य सब उनको समर्पण
मैं उनके चरणन की दासी,
राधिके ले चल परली पार...........

उनसे आस लगा बेठी हु ,
लज्जा शील गवा बेठी हु ,
सांवरिया मैं तेरी रागनी तू मेरा मल हार,
राधिके ले चल परली पार..........

तेरे सिवा कुछ चाह नही है
कोई सुजाती राह नही है मेरे प्रीतम मेरे माजी,
सुनियो करुण पुकार,
राधिके ले चल परली पार.......

आनंद धन यहाँ बरस रहा है पता पता हर्ष रहा है
बहुत हुई अब हार गई मैं पड़ी पड़ी मजधार,



radhike le chal parli paar jaha vijare natvar naagar natkhat nand kumar



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मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।