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राधे राधे श्याम मिलादे...
राधे राधे श्याम मिलादे...

राधे राधे श्याम मिलादे...
राधे राधे श्याम मिलादे...

राधे राधे जपे जा सुबहो शाम बीरज की गलियों में,
चाहे ढल जाए जीवन की शाम बीरज की गलियों में,

वृन्दावन को छोड़ कन्हैया दूर कभी ना जावे,
जो गावे श्री राधे राधे वाके संग हो जावे,
मुरली कान्हा की बाजे आठों याम,
बीरज की गलियों में,

राधे राधे जपे जा सुबहो शाम बीरज की गलियों में

जिसकी मर्जी के बिन जग में पत्ता ना हिल पावे,
धरती का चप्पा चप्पा जिसकी रचना कहलावे,
उसे कहते हैं राधे का गुलाम,
बीरज की गलियों में,
राधे राधे जपे जा सुबहो शाम वीरज की गलियों में

जिसने ब्रज को देखा उसने बातें हैं ये मानी,
यमुना यम को दूर करे,भव तारे राधे रानी,
कण-कण में है चारो धाम,
बीरज की गलियों में,
राधे राधे जपे जा सुबहो शाम वीरज की गलियों में

सूरज ब्रज के कण कण में बस राधे राधे गूंजे,
भूल के सारी दुनिया जो राधे चरणों को पूजे,
उन्हें मिल जाता है घनश्याम,
बीरज की गलियों में,
राधे राधे जपे जा सुबहो शाम वीरज की गलियों में

राधे राधे श्याम मिलादे...
राधे राधे श्याम मिलादे...

राधे राधे जपे जा सुबहो शाम बीरज की गलियों में,
चाहे ढल जाए जीवन की शाम बीरज की गलियों में

भजन गायक - सौरभ मधुकर



Radhe Radhe jape ja subaho sham viraj ki galiyon me with Hindi lyrics by Saurabh Madhukar



Bhajan Lyrics View All

मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो