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राजीव लोचन राम आज अपने घर आए ।
कण कण पुलकित, पुरजन हर्षित,

राजीव लोचन राम आज अपने घर आए ।
कण कण पुलकित, पुरजन हर्षित,
राम लकहन सिया जान मन भाए ॥

नाचे किन्नर नाग बदूटी,
बार बार कुसुमांजलि छूटी ।
हे जग पावन, मुनि मन भावन,
असीसो भाजस बरनी न जाए ॥
राजीव लोचन राम आज अपने घर आए...

नगर गाँव सब बजत बधाएं,
नर नारीन मिल मंगल गायें ।
सूचि सरजू जल, कल कल छल छल,
मचल मचल रघुवर गुण गाए ॥
राजीव लोचन राम आज अपने घर आए...

हरछित जहां तहाँ दाई दासी,
आनंद मगन सकल पुर वासी ।
लिए आरती मंगल थारी,
कनक बसन उपहार लुटाए ॥



raajeev lochan raam apne ghar aaye



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बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
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ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
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कीरत मैया दे दे बधाई
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
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जप ताप और साधन क्या जाने
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बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे