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वाह मेरे कृष्णा तेरी कुदरत, ते तेरिया बेपरवहिया
       जेरहिया गल्ला मेरे चित्त न चेते, आज ओहि देखन

वाह मेरे कृष्णा तेरी कुदरत, ते तेरिया बेपरवहिया
       जेरहिया गल्ला मेरे चित्त न चेते, आज ओहि देखनी आया

पई वक़्त दी कैसी मैनू मार वे, पांडव जूए विच गए मैनू हार वे ।
लाज रख ले तू मुरली वालेया, घिरी गौ अज्ज शेरा विचकार वे ॥

वाला तो मैनू फड़के दुःशासन विच सभा ले आया वे,
दुर्योधन ने चीरहरण दा अज्ज है हुकम सुनाया वे ।
पंजो पांडो योद्धे बड़े बलधार वे, किवे बैठे अज्ज होके लाचार वे,
सर भीष्म पितामह ने झुका लेया, खोरे करदे की सोच विचार वे ॥
लाज रख ले तू मुरली वालेया...

राज पाठ सब हर गए पांडव, किंज हामी भर जावणगे,
जेकर तेरी मेहर न होई, इज़्ज़त वी हर जावणगे ।
खेडा खेड गया शूकनी मक्कार वे, पैगई कुंजा ताहि बाजा दी डार वे ,
रेहा गोपिया दे नाल जे तू खेड दा, मेरा लुट्या जाओ संसार वे ॥
लाज रख ले तू मुरली वालेया...

सुनियाँ अर्जां जद गिरधर ने, झटपट आन पधारे ने,
ऐसी किरपा किती पापी खिचखिच पल्ले हारे ने ।
साड़ी मुकी नईो मुक्के हंकार ने, सब वेख वेख करदे विचार ने,
आखे ‘कर्मा’ ‘सिकन्दर’ प्रेमियों, लाज द्रोपदी दी रखीं करतार ने,



payi waqt di kaisi mainu maar ve laaj rakh le tu murli waleya dropti cheer haran bhajan by Sardool Sikandar



Bhajan Lyrics View All

ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है