Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

ॐ जय जय जय श्री गिरिराज, जय जय श्री गिरिराज
संकट में तुम रखो, निज भक्तन की लाज

ॐ जय जय जय श्री गिरिराज, जय जय श्री गिरिराज
संकट में तुम रखो, निज भक्तन की लाज
जय जय जय श्री गिरिराज, जय जय श्री गिरिराज

इंद्रादिक सब देवा तुम्हरो ध्यान धरे।
ऋषि मुनि जन यश गामें, ते भवसिंधु तरे॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज

सुन्दर रूप तुम्हरौ श्याम सिला सोहें।
वन उपवन लखि लखिके ,भक्तन मन मोहें॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज

मध्य मानसी गंगा, कलि के मल हरनी।
तापै  दीप  जलावे,  उतरे   बैतरनी॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज

नवल अप्सरा कुण्ड सुहाने, दाँये सुखकारी।
बायेँ राधा -कृष्ण कुण्ड है, महापाप हारी॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज

तुम हो मुक्ति के दाता, कलयुग में स्वामी।
दीनन  के  हो  रक्षक , प्रभु  अन्तर्यामी॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज

हम हैं शरण तुम्हरी, गिरवर गिरधारी।
देवकीनंदन कृपा करो हे भक्तन हितकारी॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज

जो नर दे परिकम्मा , पूजन पाठ करें।
गावें नित्य आरती , पुनि नहीं जनम धरें॥
ॐ जय जय जय श्री गिरिराज



om jai jai shri giriraj,jai jai shri giriraj



Krishna Bhajans App

Bhajan Lyrics View All

श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये