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मोहे तो प्यारी लागे बरसाने की गलियां
जग सो न्यारी हैं यह बरसाने की गलियां

मोहे तो प्यारी लागे बरसाने की गलियां
जग सो न्यारी हैं यह बरसाने की गलियां

रसिको की प्राण हैं यह, जीवन आधार हैं यह
राधे जु की किरपा का,
श्यामा जु की किरपा का द्वार हैं यह गलियां
मोहे तो प्यारी लागे...

बरसाने जो भी आवे, चरणों में प्रीत पावे
राधे जु की पायल की,
श्यामा जु की पायल जी झंकार हैं यह गलियां
मोहे तो प्यारी लागे...


दधिकांदो की और केसर की कीच मचे
प्रेस रास धारा की,
प्रेम रास धारा की बौछार हैं यह गलियां
मोहे तो प्यारी लागे...

राधे को नाम गावे, बंसी की तान गावे,
मीठी मीठी वीणा की,
मीठी मीठी वीणा की तान हैं यह गलियां



mohe to pyari laage barsane ki galiyaan



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हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
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यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
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किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
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प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
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फिर भी श्याम को पाना है ।
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
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साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है