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साखी: रंग रंगीले श्‍याम के बरसे रंग अपार
        छीटा जिसके लागेगा होगा भव से पार

साखी: रंग रंगीले श्‍याम के बरसे रंग अपार
        छीटा जिसके लागेगा होगा भव से पार

म्‍हारी झोपडी में एक बार आजा,
आजा रे म्‍हारा सेठ सांवरा...

थारे कारण कान्‍हा झुला है डालिया,
झुला रे डाला कान्‍हा झुला रे डालिया
तु तो झुलवाने एक बार आजा
आजा रे म्‍हारा सेठ सांवरा...

थारे कारण कान्‍हा भोजन बनाया,
भोजन बनाया कान्‍हा माखन बनाया
तु तो जिमवाने एक बार आजा
आजा रे म्‍हारा सेठ सांवरा...

थारे कारण कान्‍हा राधा बुलाई
राधा बुलाई संग में रूकमण बुलाई
तु तो रास रचावन आजा
आजा रे म्‍हारा सेठ सांवरा...



mhari jhopadi me ek baar aaja aaja re mera seth saanwara Rajasthani bhajan



Bhajan Lyrics View All

दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥