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ओ म्हारा बाल गोविन्दा जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,
ओ ठाकुर छैल छबीला जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,

ओ म्हारा बाल गोविन्दा जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,
ओ ठाकुर छैल छबीला जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,

रमवा आजो जी के लाजो सखी सहेली जी,
ओ म्हारा बाल गोविन्दा जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,

लाडू मंगइ दु पेड़ा मंगइ दु साथ मे माखन मिश्री जी॥
म्हारा मन मे ऐसी आवे,के छप्पन भोग जीमई दु,
ओ म्हारा बाल गोविन्दा जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,
ओ ठाकुर छैल छबीला जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,

हाथ दुलाये दू पाओ दुलाये दू और दुलाये दू तुम्हारा मुंडल जी॥
म्हारा मन मे ऐसी आवे,के अपने हाथ नाल्ये दू
ओ म्हारा बाल गोविन्दा जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,
ओ ठाकुर छैल छबीला जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,

चमअरी धुल  सिलाय्दु रंग राधा की टोपी जी॥
म्हारा मन मे ऐसी आवे,के अपने हाथ पिराये दू,
ओ म्हारा बाल गोविन्दा जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,
ओ ठाकुर छैल छबीला जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,


राधा बुलइ दु रुकमणी बुलइ दु और बुलइ दु सतभामा जी॥
म्हारा मन मे ऐसी आवे ,म्हारा मन मे ऐसी आवे के संग मे रास रचइ दु,
ओ म्हारा बाल गोविन्दा जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,
ओ ठाकुर छैल छबीला जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी,

ओ म्हारा बाल गोविन्दा जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी
ओ ठाकुर छैल छबीला जी, के म्हारे घर रमवा आजो जी



mhara bal govinda ji mhare ghar ramwa aao ji



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हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा