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मेरे दिल दी पतंग कट गयी,
मुरली वाला लूट ले गया ।

मेरे दिल दी पतंग कट गयी,
मुरली वाला लूट ले गया ।
मेरी डोर जाने कैसे फास गयी,
मुरली वाला लूट ले गया ॥

सावरे कहना नाल पेच लड़ाया सी
पेच लड़ा के मैं ता बड़ा पछताया सी
मेरी डोर जाने कैसे फास गयी,
मुरली वाला लूट ले गया

कटती पतंग मेरी प्रेम दी डोरी नाल
डोर च फसयी डोर मोहन ने चोरी नाल
इस छलिये दी चाल चल गयी,

मुरली वाला लूट ले गया

चंगा होई लूट के ले गया कनहिया
‘पूनम’ दे दिल नु भा गया कन्हिया
मैनु मोहन दी शरण मिल गयी



mere dil di patang kat gayi murli wala lut lai gaya Punjabi bhajan by Brjirasika Poonam Didi



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कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
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कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
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राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।